उत्तर भारत में रिकॉर्ड तोड़ तापमान के बीच हीटस्ट्रोक के मामले बढ़े
|By स्वास्थ्य और कल्याण टीम|2 min read
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परिचय
हाल के वर्षों की सबसे प्रचंड गर्मियों में से एक के बीच, उत्तर भारत के विभिन्न अस्पतालों में हीटस्ट्रोक और अन्य गर्मी से संबंधित बीमारियों के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। दिल्ली, जयपुर और लखनऊ जैसे क्षेत्रों में तापमान लगातार 45°C से ऊपर बना हुआ है, जिससे भारतीय मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य संबंधी चेतावनियाँ जारी की गई हैं। 

चिकित्सा प्रतिक्रिया
AIIMS और सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, हीटस्ट्रोक से पीड़ित ज़्यादातर मरीज़ बुजुर्ग या खुले में काम करने वाले श्रमिक हैं। इनमें तेज़ बुखार, भ्रम, तेज़ दिल की धड़कन और गंभीर मामलों में बेहोशी जैसे लक्षण पाए जा रहे हैं। इमरजेंसी वार्ड को अलर्ट पर रखा गया है और मरीज़ों को तुरंत IV हाइड्रेशन और कूलिंग थेरेपी दी जा रही है।
सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाह
प्रशासन ने जनता से अनुरोध किया है कि वे:
- दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक घर के अंदर ही रहें।
- प्यास न लगने पर भी बार-बार पानी पिएं।
- ढीले और हल्के रंग के कपड़े पहनें और भारी शारीरिक श्रम से बचें।
बेघर लोगों और खुले में काम करने वालों की सहायता के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में मोबाइल जल वितरण केंद्र लगाए गए हैं।
निष्कर्ष
जलवायु पैटर्न के लगातार बदलते स्वरूप को देखते हुए, सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए रोकथाम संबंधी ढांचा और जन-जागरूकता अभियान अत्यंत आवश्यक हो गए हैं, ताकि इस तरह की चरम मौसमीय परिस्थितियों से होने वाले मानव नुकसान को कम किया जा सके।

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